यह चिता नहीं यह काया थी

यह चिता नहीं यह काया थीजो भस्म हुई बस माया थीमोह मिथ्या का उचाट यही हैमणिकर्णिका का घाट यही है.. यहीं चिता में इच्छा सोती हैयहीं दीप्त आत्मा होती हैजब सौभाग्य तुझे बुलाएगादेखना तू भी काशी आएगा.. पापों का बोझ निगलती हैयह शुद्ध अनामय करती हैअग्नि का स्पर्श जैसे पारसगंगा और ये शहर बनारस.. इच्छा … Continue reading यह चिता नहीं यह काया थी

हमारे तीन लोक🙏🙏🙏

प्रभु श्री हरि तीनों लोकों के स्वामी हैं। महादेव तीनों लोकों को भस्म करते हैं और सृजन से पालन को क्षमता भी रखते हैं।महाकाली तीनों लोकों को परम शक्ति हैं।शास्त्रों में है कि अगर हम अपने अंदर किसी भी भगवान को जाग्रत करें तो सृष्टि में वही कर सकते है जिसे जाग्रत किया। जैसे कि … Continue reading हमारे तीन लोक🙏🙏🙏

चांद की शिकायत

🌝चाँद को भगवान् राम से यह शिकायत है की दीपवली का त्यौहार अमावस की रात 🌚 में मनाया जाता है और क्योंकि अमावस की रात में चाँद निकलता ही नहीं है इसलिए वह कभी भी दीपावली✨ मना नहीं सकता। यह एक मधुर कविता है कि चाँद किस प्रकार खुद को राम के हर कार्य से … Continue reading चांद की शिकायत

मै मै नहीं परन्तु मै मै ही हूं।

महाकाल की चेतना और महाकाली कि शक्ति, नारायण सा तेज और लक्ष्मी सी शीतलता, देवों को प्यारे और गणों में दुलारे, सूंड जिनकी सिर्फ सूंड नहीं स्वयं सभी चक्रों का निवास वहीं, मेरे सिर में सहरार से शुरू हो अंत मूलाधार तक विस्तार होता, उस सूंड की ऐसी गरिमा, शरीर स्वयं सुव्यवस्थित हुआ है जैसे, … Continue reading मै मै नहीं परन्तु मै मै ही हूं।

जिंदगी by गुलज़ार साहब

-कभी तानों में कटेगी,कभी तारीफों में;ये जिंदगी है यारों,पल पल घटेगी !! पाने को कुछ नहीं,ले जाने को कुछ नहीं;फिर भी क्यों चिंता करते हो,इससे सिर्फ खूबसूरती घटेगी,ये जिंदगी है यारों पल-पल घटेगी! बार बार रफू करता रहता हूँ,जिन्दगी की जेब !!कम्बखत फिर भी,निकल जाते हैं…,खुशियों के कुछ लम्हें !! -ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही…ख़्वाहिशों … Continue reading जिंदगी by गुलज़ार साहब

मुझको uncle कहने वालों

😂😜 U N C L E 😜😂 उम्र 40 पार है लेकिनशक्ल हमारी 30 के जैसी।मुझको uncle कहने वालो,तुम्हारी ऐसी की तैसी।।। बेटी के कॉलेज गया तो,टीचर देख मुझे मुस्कुराई।।।बोली क्या मेनटेनड हो मिस्टर??पापा हो,पर लगते हो भाई।।। क्या बतलाऊँ उसने फिर,बातें की मुझ से कैसी कैसी।।मुझको uncle कहने वालों,तुम्हारी ऐसी की तैसी।।।। पडोसन बोली, … Continue reading मुझको uncle कहने वालों

40 पार की उम्र

उम्र 40 पार है लेकिनशक्ल हमारी 30 के जैसी।मुझको uncle कहने वालो,तुम्हारी ऐसी की तैसी।।। बेटे के कॉलेज गया तो,टीचर देख मुझे मुस्कुराई।।।बोली क्या मेनटेनड हो मिस्टर??पापा हो,पर लगते हो भाई।।। क्या बतलाऊँ उसने फिर,बातें की मुझ से कैसी कैसी।।मुझको uncle कहने वालों,तुम्हारी ऐसी की तैसी।।।। पडोसन बोली, सेकंड हैंड हो,लेकिन फ़्रेश के भाव बिकोगे।बस … Continue reading 40 पार की उम्र

कृष्ण का गांधारी को प्रत्युत्तर

क्रोधित, आवेशित गांधारी गिर पड़ी धरा पर श्रापित कर, अधचेतन, बिलख रही भू पर वह विगत काल को शोषित कर | थे कृष्ण सुन रहे श्राप- शब्द हँस रहे मृदुल, मन ही मन में, आ गए तुरत कुरुक्षेत्र मध्य हत योद्धाओं के कानन में | बोले गांधारी को हाथ जोड़ माते ! मैं श्राप ये … Continue reading कृष्ण का गांधारी को प्रत्युत्तर

🌷 पितरों को नमन🌷

वो कल थे तो आज हम हैंउनके ही तो अंश हम हैं.. जीवन मिला उन्हीं सेउनके कृतज्ञ हम हैं.. सदियों से चलती आयीश्रंखला की कड़ी हम हैं.. गुण धर्म उनके ही दियेउनके प्रतीक हम हैं.. रीत रिवाज़ उनके हैं दियेसंस्कारों में उनके हम हैं.. देखा नहीं सब पुरखों कोपर उनके ऋणी तो हम हैं.. पाया … Continue reading 🌷 पितरों को नमन🌷