हीर

3 generation singing HEER together….1) Mohinder lal Mehta - 91years2) Mukesh Mehta - 62 years3) Vipul Mehta - 29

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महफिलें

दर्द को महफिलों में ले आओतो मैखाने कम पड़ते हैं, खुशी महफिलों में ले आओतो पैमाने कम पड़ते हैं, आप यूंही तब्बज्जो दे रहे हैं जनाबजेब खाली दिखा कर तो देखिए फटे हाल में यहांदोस्त भी कम पड़ते हैं।।।

कहाँ पर बोलना है

कहाँ पर बोलना हैऔर कहाँ पर बोल जाते हैं।जहाँ खामोश रहना हैवहाँ मुँह खोल जाते हैं।। कटा जब शीश सैनिक कातो हम खामोश रहते हैं।कटा एक सीन पिक्चर कातो सारे बोल जाते हैं।। नयी नस्लों के ये बच्चेजमाने भर की सुनते हैं।मगर माँ बाप कुछ बोलेतो बच्चे बोल जाते हैं।। बहुत ऊँची दुकानों मेंकटाते जेब … Continue reading कहाँ पर बोलना है

जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा

प्रभु की कृपा देख थोड़ा अचरज सा हो जाता है, प्रभु की रथयात्रा में हरि भक्त हो ढोता है। प्रभु धर स्वांग अनेक भक्तों को लिए चलते हैं, भक्त उनकी माया अधीन रथयात्रा  लिए चलते हैं। भक्ति रस में डूबे प्रभु मुस्कुराते अपना भार हल्का करते है, उस ओर अग्रसर भक्त मिल कर भक्ति का … Continue reading जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा

जिक्र उस ख्वाब का

जिक्र उस ख्वाब का करें कैसे जज्बात निकल आएंगे , पिघलती हुई शमा के मोम को छुआ तो हाथ जल जाएंगे , तुम बेफिक्र रहो परवाना न बनो पंख जल जाऐंगे, जिन्दा रहना तो सभी जानते हैं हम उड़ जाएंगे और निशान रह जाएंगे, इस कदर खुदा को प्यार करो रहनुमा सभी जलखर खाक हो … Continue reading जिक्र उस ख्वाब का

शांत

दिल में कुछ शब्दों में कुछ मुखारबिंद शांत, हथेली में कुछ होठों पर कुछ सुरताल शांत, पैरों में कुछ सृष्टि में कुछ ब्रह्म हुए शांत, राधा में कुछ लक्ष्मी में कुछ प्रेम सरोवर है शांत, भक्ति में कुछ कर्म में कुछ प्रभु हैं शांत, खोजते हो कुछ मिलता है कुछ प्रकृति है शांत, अपनों में … Continue reading शांत

पितृ छाया

जिसका ध्यान धर दुःख क्षीण हो जाते, स्मरण मात्र से सुख उपलब्ध हो जाते, सम्मुख होने पर जिसके हो अस्तित्व पर नाज़। वो जिसने चलना सिखाया, वो जिसने पढ़ाया लिखाया, वो जो थामे है मेरी ऊँगली आज, वो जिसने अपना पसीना बहाया. वो जिसने कभी हक़ ना जताया, वो जो है सर्व सहायक, वो है … Continue reading पितृ छाया