ऐसे विचारों ने मुझे झकझोरा

एक लड़की को देखा देखता ही रहा,कुछ है अलग,क्या है अलग,क्यों है अलग,ऐसे विचारों ने मुझे झकझोरा ।साफ़ रंग सिर झुका हुआ सादे वस्त्रहाथ में लैप्टॉप बैग,पर ये क्या चेहरा कालाक्यों मगर,ऐसे विचारों ने मुझे झकझोरा।क्या है ऐसा,क्यों है ऐसा क्या है येजन्म से ऐसे,या किसी नेकिया ऐसा,ऐसा विचारों  ने मुझे झकझोरा।रोज़ तो पढ़ते अख़बारों में,कभी किसी को लूटा जाता, कभी किसी को छीना जाता,कभी तेज़ाब फेंका जाता,क्यों है … Continue reading ऐसे विचारों ने मुझे झकझोरा