आप दोनो कुछ ऐसे हैं

आप दोनो

कुछ ऐसे हैं

पूरब – पश्चिम जैसे हैं,

कभी एक ठण्डा

तो दूजा गर्म हैं

एक दूजे के बिना

न स्थान हैं।

निकल गये पचासों वर्ष

एक साथ  यूहीं

कभी लड़ते

कभी खड़े दोनो साथ यूहीं

प्रभू के खेल निराले हैं,

आप एक ही नदिया के

दो किनारे हैं

चलना है साथ सबब आपका

बस यूहीं बस यूहीं।

Happy anniversary dad and ma

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