खिचड़ी का आविष्कार

खिचड़ी का आविष्कार कई वर्षों पहले एक बार, दिन का नाम था रविवार। पति-पत्नी की एक जोड़ी थी, नोंकझोंक जिनमें थोड़ी थी। अधिक था उनमें प्यार, मीठी बातों का अम्बार। सुबह पतिदेव ने ली अंगड़ाई, पत्नी ने बढ़िया चाय पिलाई। फिर नहाने को पानी किया गर्म, निभाया अच्छी पत्नी का धर्म। पति जब नहाकर निकल … Continue reading खिचड़ी का आविष्कार