नहीं होते

जाने क्यूँ, अब शर्म से, चेहरे गुलाब नहीं होते। जाने क्यूँ, अब मस्त मौला मिजाज नहीं होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें। जाने क्यूँ, अब चेहरे, खुली किताब नहीं होते। सुना है, बिन कहे, दिल की बात, समझ लेते थे। गले लगते ही, दोस्त हालात, समझ लेते थे। तब ना फेस बुक … Continue reading नहीं होते

अंतरमन

घनघोर अंधेरा छाये जब कोई राह नज़र ना आये जब कोई तुमको फिर बहकाये जब इस बात पे थोड़ी देर तलक तुम आँखें अपनी बंद करना और अंतरमन की सुन लेना मुमकिन है हम-तुम झूठ कहें पर अंतरमन सच बोलेगा.......... जब लम्हा-लम्हा 'आरी' हो और ग़म खुशियों पे भारी हो दिल मुश्किल में जब पड़ … Continue reading अंतरमन

तुझे पाना

मेरी आशिकी तेरे लिए तेरी रैहमत मेरे लिए, तुझे पाना और अपना बनाना, जग छूट जाए चाहे दुनिया रूठ जाए, तुझे पाना और अपना बनाना, सन्यास लूंँ चाहे जग छोडूँ चाहे, तुझे पाना और अपना बनाना, तू ही है रहीम और राम और तू ही है जीसस और श्याम, तुझे पाना और अपना बनाना, तुझे … Continue reading तुझे पाना

करवटें

कुछ वक्त की करवटें सी बदलती देखीं कुछ अपनी तमन्नाऐं सी बदलती देखीं, हर वक्त सिलसिले वार चाल थी उसकी 'मै' के प्रहार से हालत नासाज थी उसकी, जमाने मे जज्बातों की जगह कहाँ बची है कुछ सुनने और कुछ सुनाने की जगह कहाँ बची है, अहसान भी ऐसे दिखाते हैं लोग आजकल की जन्नत … Continue reading करवटें

भाई लोग

भाई लोगों.. एक कविता लिखी है.. बताना कैसी है... एक बात सोच रहा था.. विचार कर सिर खुजा रहा था, कितने घनिष्ठ हैं रिश्ते अपने पूरे नहीं पड़ते जज्बात अपने, इन चुटकुलों का सहारा लेना तस्वीरें देख ख़ुश हो लेना, कुछ ताली बजा कर के अपनापन दिखाना, कुछ like कर के मौजूदगी जताना, बस यही … Continue reading भाई लोग