माँ महाकाली

चतुर्भुज महादेव के हृदय में तुम निवास करती हो उनके चरणों में तेरी शक्ति जैसे साक्षात वास करती हो अंखियों को बंद किए बैठे मेरे महाकाल समाधि में आप स्वयं महामाया बन प्रेमभाव से उन्हे सराबोर जो करती हो। ---------------------- कभी महाकाली सा तेजस्वी स्वरूप लिए राक्षसों के मुंड और हाथों में खरग लिए, कभी … Continue reading माँ महाकाली