मधुराष्टकम् स्तोत्र

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं . हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरं .. वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं . चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरं .. वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ . नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरं .. गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं . रूपं … Continue reading मधुराष्टकम् स्तोत्र

चिड़िया

तन्हा बैठा था एक दिन मैं अपने मकान में, चिड़िया बना रही थी घोंसला रोशनदान में। पल भर में आती पल भर में जाती थी वो। छोटे छोटे तिनके चोंच में भर लाती थी वो। बना रही थी वो अपना घर एक न्यारा, कोई तिनका था, ना ईंट उसकी कोई गारा। कुछ दिन बाद.... मौसम … Continue reading चिड़िया

बस ऐसे ही

चंद लम्हों में सिमटी जिन्दगी यूँही किताब के पन्नो पर फैली स्याही ज्यूँही तुम पन्नो को फाड़ने की कोशिश न किया करो निकाल दी हमने अफसानो को समभलाते यूँही। ------------- इत्तफाक से टकरा गये हम शैतान से पैगाम लिए है कहा खुदा के फरमान से हम बहल कर चल दिये और गड्ढे मे जा गिरे … Continue reading बस ऐसे ही