आधुनिकता

आधुनिक *मिट्टी के बर्तनों से स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों तक* *और फिर कैंसर के खौफ से दोबारा मिट्टी के बर्तनों तक आ जाना,* *अंगूठाछाप से दस्तखतों (Signatures) पर* *और फिर अंगूठाछाप (Thumb Scanning) पर आ जाना,* *फटे हुए सादा कपड़ों से साफ सुथरे और प्रेस किए कपड़ों पर* *और फिर फैशन के नाम पर … Continue reading आधुनिकता

अनुभूति देख कर आओ

झोपड़ों में जिन्दगी गुजारना दुखों के सैलाब में मुस्कुराहट तलाशना, खाने को ना हो उसके पास दो वक़्त, बच्चों को सुलाने को ना हो उसके पास छत, फ़िर भी सोते हुए मालिक का नाम पुकारना, अगले दिन तड़के उठ कर फिर भीख मांगते दिन गुज़रना। गरीबी के इस कहानी में कुछ समय बिताओ, उनके साथ … Continue reading अनुभूति देख कर आओ

अनजान

रिहा हो गई बाईज्जत वो मेरे कत्ल के इल्ज़ाम से शोख निगाहों को अदालत ने हथियार नहीं माना। - अनजान का शेर है - - - अब मेरे शेर आगे - - इठलाती बलखाती अनजान हमारे अन्जाम से उसकी पतली कमर को भी तेज धार नहीं माना। कत्ल हुए खड़े थे, दिल हमारा बेलगाम था … Continue reading अनजान

*श्रीगुरुदेव स्तुति*

गुरु रूप धर आय हरि आपहुँ कबहुँ भेद न कीजै गुरु चरण रज सदा अवलोकों नित्य सीस धर लीजै वाणी गुरु की अमृत समाना सुन सुन मन सीतल होवै जन्मन की मैल अति गाढ़ी करै गुरु कृपा नित धोवै कान देय सतगुरु की बाताँ जो नित्य सुने मन लाय हरि गुरु कृपा सहज सुख बरसै … Continue reading *श्रीगुरुदेव स्तुति*

अभी बाकी है

ज़िस्म कट गया तो क्या हुआ, रूह अभी बाकी है तुम्हारी इंसानियत मर गयी तो क्या, हमारी अभी बाकी है छाया दूंगा , पानी दूंगा गर मैं मुक्कमल खड़ा रहूंगा शाख ओ दरख़्त न रहे सही पर फसल अभी भी बाकी है। काट डाले तुमने अपने रिश्ते, मेरे जंगल अभी बाकी हैं खुदा की नेमत … Continue reading अभी बाकी है

हो सकता है

ऊबड़ खाबड़ रस्ते भी, समतल हो सकते हैं, कोशिश की जाए तो मुद्दे हल हो सकते हैं. शर्त यही है कोई प्यासा हार न माने तो, हर प्यासे की मुट्ठी मेँ बादल हो सकते है. सागर महासागर सी जब हो सकती हैं आँखें, तो फिर दो आँसू भी गंगाजल हो सकते हैं. जिनकी बुनियादों में … Continue reading हो सकता है

🌹”प्रभु श्रीराम साईं के चरणों में समर्पित लिखित रचना”🌹

🌹देह की नाव पर🌹 🌹श्वासों के चप्पू से🌹 🌹धड़कनों को साथ ले🌹 🌹श्री राम नाम जपते है🌹 🌹चलो उस पार चलते है🌹 🌹चलो मौसम संग बदलते है🌹 🌹दुःख पतझड़ संग झड़ते है🌹 🌹बागे बहारी सुख खिलते है🌹 🌹चलो अब प्रभु से मिलते है🌹 🌹कोई कामना कोई चाह नहीं🌹 🌹प्रभु इच्छा संग चलते है🌹 🌹कोई रास्ता … Continue reading 🌹”प्रभु श्रीराम साईं के चरणों में समर्पित लिखित रचना”🌹