*श्रीगुरुदेव स्तुति*

गुरु रूप धर आय हरि आपहुँ कबहुँ भेद न कीजै गुरु चरण रज सदा अवलोकों नित्य सीस धर लीजै वाणी गुरु की अमृत समाना सुन सुन मन सीतल होवै जन्मन की मैल अति गाढ़ी करै गुरु कृपा नित धोवै कान देय सतगुरु की बाताँ जो नित्य सुने मन लाय हरि गुरु कृपा सहज सुख बरसै … Continue reading *श्रीगुरुदेव स्तुति*