स्वातंत्र्य गौरव के अनमोल पल

राष्ट्रकवि दिनकर की अमर पंक्तियों के माध्यम से हमें स्वातंत्र्य गौरव के अनमोल पल देने वालों को नमन- जला अस्थियां बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गए पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल। कलम, आज उनकी जय बोल जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में एक किनारे, जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन मांगा नहीं … Continue reading स्वातंत्र्य गौरव के अनमोल पल