नारी रे नारी

नारी रे नारी तेरी आंखों में सारी दुनिया है न्यारी, देखें तुझे दुनिया वाले सभी रस के प्याले तूने क्यों नहीं देखे ये भाले, तार तार करते रहते गरिमा नंगी आंखों से करते अंगभंगिमा भूले बैठे हैं खुद की कुल गरिमा, खुद सहेज अस्तित्व को अपने देख और कर पूरे सपने दूर कर तू डर … Continue reading नारी रे नारी