मेरा कोई भी दोस्त* *बूढ़ा नहीं हुआ….!

** सच्चाई में ढ़ले हैं , सब अब भी मनचले हैं । कृपा है सब पे रब की , पर्वत से सब खड़े हैं । ना दर्द कोई दिल में , छा जाऐं वो महफिल में । वो सबके काम आयें , जो भी हो मुश्किल में । नहीं कोई है घमंडी , ना ही … Continue reading मेरा कोई भी दोस्त* *बूढ़ा नहीं हुआ….!