त्रिदोष ज्वर

तीन ताप:-【काम, क्रोध, लोभ】हम सभी को त्रिदोष ज्वर हो गया हैं।जिसकी वजह से जीव चहुओर पागलों की भाँति मारा मारा दर दर भटकता फिरता हैं। इसीलिए कहा है, कभी योग में फंसतातो कभीभोग में फंस जाता,वियोग में कभीआंसू बहतेतो कभीमोह में फंस जाता।----------कभी दयामय होदीन बन जाताबुद्धिहीन हो कभीकंगाल हो जाता,कभी गुणहीन मुर्ख बनसफल हो … Continue reading त्रिदोष ज्वर

Advertisements

हिंदी का थोडा़ आनंद लीजिये ….मुस्कुरायें …

हिंदी के मुहावरे, बड़े ही बावरे है,खाने पीने की चीजों से भरे है…कहीं पर फल है तो कहीं आटा-दालें है,कहीं पर मिठाई है, कहीं पर मसाले है ,चलो, फलों से ही शुरू कर लेते है,एक एक कर सबके मजे लेते है… आम के आम और गुठलियों के भी दाम मिलते हैं,कभी अंगूर खट्टे हैं,कभी खरबूजे, … Continue reading हिंदी का थोडा़ आनंद लीजिये ….मुस्कुरायें …

ह्रदय स्पर्श

जब तक चलेगी जिंदगी की सांसेकहीं प्यार कहीं टकराव मिलेगा !!कहीं बनेंगे संबंध अंतर्मन से तोकहीं आत्मीयता का अभाव मिलेगा कहीं मिलेगी जिंदगी में प्रशंसा तोकहीं नाराजगियों का बहाव मिलेगाकहीं मिलेगी सच्चे मन से दुआ तोकहीं भावनाओं में दुर्भाव मिलेगा !! कहीं बनेंगे पराए रिश्तें भी अपने तोकहीं अपनों से ही खिंचाव मिलेगा !!कहीं होगी … Continue reading ह्रदय स्पर्श