खुदा की मोहब्बत

एक कदम भी जो न चल सके हमदम बनकर ऐसे ही माशूक को मेहमान कहते हैं, हर बदन में खुदा ना दिखे जिसे ऐसे ही इंसान को हैवान कहते हैं। मासूमियत से जो कत्ल किया था तुमने उसे बेईमानी का एहतराम कहते हैं, जज्बातों से ना खेला करो हर वक्त ऐसे इंसान को खूबसूरत इलजाम … Continue reading खुदा की मोहब्बत

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