माता पिता की वन्दना 

हे माँ,

तुम्हारे चरण स्पर्श,

परम पूज्य तुम महालक्ष्मी हो,

हे पिता,

तुम्हारे चरण स्पर्श,

परम पूज्य तुम नारायण हो।

आशिर्वाद लिये चल रहा मै,

नितदिन अब पूजा है,

तुम्हारे प्यार एवं आशिर्वाद की

अवधारणा अब गंगा है।

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