जिक्र उस ख्वाब का

जिक्र उस ख्वाब का करें कैसे जज्बात निकल आएंगे , पिघलती हुई शमा के मोम को छुआ तो हाथ जल जाएंगे , तुम बेफिक्र रहो परवाना न बनो पंख जल जाऐंगे, जिन्दा रहना तो सभी जानते हैं हम उड़ जाएंगे और निशान रह जाएंगे, इस कदर खुदा को प्यार करो रहनुमा सभी जलखर खाक हो … Continue reading जिक्र उस ख्वाब का

शांत

दिल में कुछ शब्दों में कुछ मुखारबिंद शांत, हथेली में कुछ होठों पर कुछ सुरताल शांत, पैरों में कुछ सृष्टि में कुछ ब्रह्म हुए शांत, राधा में कुछ लक्ष्मी में कुछ प्रेम सरोवर है शांत, भक्ति में कुछ कर्म में कुछ प्रभु हैं शांत, खोजते हो कुछ मिलता है कुछ प्रकृति है शांत, अपनों में … Continue reading शांत