अतीत के मुहाने से

अतीत के मुहाने से झांकती परछाईं कुछ अच्छी कुछ दुखदाई हैं सौदाई, झुकते हुए से पेड़ों की तन्हाई और खट्टे मीठे फलों की तराई, बागों में खेलते हुए टहनियों पर लटकना, आमों की मिठास को पेड़ों पर ही चखना, बाहर की हर बात घर में बकना, कोई सुने या ना सुने अपनी बात पूरी करना। … Continue reading अतीत के मुहाने से