यह चिता नहीं यह काया थी

यह चिता नहीं यह काया थीजो भस्म हुई बस माया थीमोह मिथ्या का उचाट यही हैमणिकर्णिका का घाट यही है.. यहीं चिता में इच्छा सोती हैयहीं दीप्त आत्मा होती हैजब सौभाग्य तुझे बुलाएगादेखना तू भी काशी आएगा.. पापों का बोझ निगलती हैयह शुद्ध अनामय करती हैअग्नि का स्पर्श जैसे पारसगंगा और ये शहर बनारस.. इच्छा … Continue reading यह चिता नहीं यह काया थी

हमारे तीन लोक🙏🙏🙏

प्रभु श्री हरि तीनों लोकों के स्वामी हैं। महादेव तीनों लोकों को भस्म करते हैं और सृजन से पालन को क्षमता भी रखते हैं।महाकाली तीनों लोकों को परम शक्ति हैं।शास्त्रों में है कि अगर हम अपने अंदर किसी भी भगवान को जाग्रत करें तो सृष्टि में वही कर सकते है जिसे जाग्रत किया। जैसे कि … Continue reading हमारे तीन लोक🙏🙏🙏