Corona से दिल ना लगाओ

ज़िंदगी के ये पल

चंद लम्हों में सिमटी ये ज़िंदगी, इसे गुज़ार लो या संवार दो। अपने हों संग तो है ख़ुशनुमा ज़िंदगी, छोटी बातों को यादों से निकाल दो। फूल खिलते हैं नूर ए नज़र बनकर पेड़ को जब जल से निकास दो । उड़ने दो हवाओं में पंछी बनकर पंखों को इनके और संवार दो । घनी … Continue reading ज़िंदगी के ये पल