रास्ते यूँही आसान मिल जाते

रास्ते कभी सीधे कभी टेढ़े हो जाते , हम यूँही हैरान कभी परेशान हो जाते, सोचते मंज़िल तक पहुँचने को रास्ते यूँही आसान मिल जाते , कभी छाँव कभी कड़ी धूप के नज़ारे मिल जाते , सोचते मंज़िल तक पहुँचने को रास्ते यूँही आसान मिल जाते , कभी शरीर सुख भोगता कभी दिल में दर्द … Continue reading रास्ते यूँही आसान मिल जाते

उन्हें इल्म नहीं

दिन दूनी रात चौगुनी तरक़्क़ी जो किया करते हैं उन्हें इल्म नहीं उस जज़्बात का जिससे सीने ठंडे हुआ करते हैं , कुछ बर्दाश्त करने की आदत जो डाली होती पुलस्त्य जाना होता की अपनो की ख़्वाहिशों से ज़्यादा उनकी मुस्कुराहट के मायने हुआ करते है । तुम बैठ जाओ बस इस खुदा के कमाल … Continue reading उन्हें इल्म नहीं

रुकना चलना

रुकना चलना, जीवन का सुख।लेना- देना अनुभव निज सुख। नित परिवर्तन प्रकृति भाव है।परवश जीवन कभी नहीं सुख। मेघों का अपना जीवन है।उठना, चलना और बरसना । पर वे परवश, नहीं बरसते।जब तक शीतलता से उन्मुख। जल जीवन आसान नहीं है,नहीं सरल हैं उनके रस्ते। पर्वत से गिर मैदानों में,चलते रहते बेकल, बेसुध। जब वे … Continue reading रुकना चलना