पिता श्री – आपका आगमन 

अंग्रेजों के बनाये कुछ त्योहार भी अच्छे होते हैं रिश्तों में पिरोए हुए त्योहार अच्छे होते हैं  आज father's day पर आपका आगमन मेरे यहाँ  ऎसे आशिर्वाद के सूचक भी बहुत अच्छे होते हैं।  ___ आपकी छत्र ओ छाया सिर पर आशिर्वाद है आपका आना, पीठ थपथपाना आशिर्वाद है आपको super dad क्यों न कहें … Continue reading पिता श्री – आपका आगमन 

Advertisements

माता पिता की वन्दना 

हे माँ, तुम्हारे चरण स्पर्श, परम पूज्य तुम महालक्ष्मी हो, हे पिता, तुम्हारे चरण स्पर्श, परम पूज्य तुम नारायण हो। आशिर्वाद लिये चल रहा मै, नितदिन अब पूजा है, तुम्हारे प्यार एवं आशिर्वाद की अवधारणा अब गंगा है।

हे पिता

हे पिता! तुम्हारी सीख का घ्यान धर विचरता हूँ, तुम्हारी छवी का अनुसरण करता चलता हूँ, उंगली पकड़े तुम्हारी अभी तक खड़े हैं हम, हमारी संस्कृति और सभ्यता तुमसे है तुम हो गुरू तुम्हारी सीख पर चलता हूँ। हे पिता! तुम्हे प्रणाम कर अग्रसर होता हूँ, कर्म कर तुम्हारी प्रशंसा की उपेक्षा करते हैं, सौम्य … Continue reading हे पिता

पिता का श्रण

हम हैं जहाँ में, किया परिश्रम आपने माँ की इच्छाओं का सत्कार शीलता का परिचय दिया आपने। थे कुछ शैतान हम दिया स्वत्व तब आपने हम शिक्षित हैं आज ऐसा अयोजन किया आपने। पिता का कर्तव्य हर निभाया सदा है आपने जब भी हम लडखडाएं तो सब्र से सदा सम्भाला आपने । खड़े हैं आप … Continue reading पिता का श्रण

मुस्कुरा जो दिया करते हो

रहमत खुदा की आदत नहीं हुआ करती ज़ज़बा ए मोहब्बत से खुदा मिला करते है। तुम निज़ाम से ताल्लुक भी रखो अगर मिन्नतों से ही खुदा की रहमत के हकदार हुआ करते है। तुम्हारी मुस्कुराहट हमे कुछ यूं मिला करती है, इस नाचीज़ पर नजर ए करम कर दो, हमे कुछ सख्त ताकीद मिला करती … Continue reading मुस्कुरा जो दिया करते हो

राहत इंदौरी को हिन्दुस्तान का जवाब

राहत इंदौरी ने लिखा था "सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी मेंकिसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है "~ अब इंदौरी और उसके चमचों को ये रहा हमारा भी जवाब: “ख़फ़ा होते हैं हो जाने दो, घर के मेहमान थोड़ी हैंजहाँ भर से लताड़े जा चुके हैं , इनका मान थोड़ी है ये … Continue reading राहत इंदौरी को हिन्दुस्तान का जवाब

ज़रा मुस्कुरा कर तो देखो

आज की इबादतें और दिल की चाहतें तो देखो, छुपे जज़्बात और यादों से डूबी हमारी तहज़ीब तो देखो, इजहार ए इश्क और अल्फाजों में भीगी नज़रें तो देखो, किस तरह तुमसे मिलेंगे जरा हमारी चाहत की तासीर तो देखो। ********* दिल बेकाबू हो जाएगा तुम ज़रा मुस्कुरा कर तो देखो, तस्वीर से निकल कर … Continue reading ज़रा मुस्कुरा कर तो देखो

*मेरा कोई भी दोस्त* *बूढ़ा नहीं हुआ….!*

*मेरा कोई भी दोस्त* *बूढ़ा नहीं हुआ....!* सच्चाई में ढ़ले हैं , सब अब भी मनचले हैं । कृपा है सब पे रब की , पर्वत से सब खड़े हैं । ना दर्द कोई दिल में , छा जाऐं वो महफिल में । वो सबके काम आयें , जो भी हो मुश्किल में । नहीं … Continue reading *मेरा कोई भी दोस्त* *बूढ़ा नहीं हुआ….!*

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की पुण्य तिथि पर समर्पित

इस समाधि में छिपी हुई है एक राख की ढेरी, जल कर जिसने स्वतंत्रता की दिव्य आरती फेरी ॥ यह समाधि, यह लघु समाधि है झाँसी की रानी की अंतिम लीलास्थली यही है लक्ष्मी मरदानी की ॥ यहीं कहीं पर बिखर गई वह भग्न-विजय-माला-सी उसके फूल यहाँ संचित हैं, है यह स्मृति शाला-सी ॥ सहे … Continue reading झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की पुण्य तिथि पर समर्पित