एहतियातन हमने उन्हें अपने दिल से दूर रखा

एहतियातन हमने उन्हें अपने दिल से दूर रखा वो हैं कि हमारे दिल में बेबाक समा गए, ख्वाहिशों में जिनकी बुना करते थे सपने वो खुद ही सपनों का संसार बसा गए । हम तो खुद से बेखुद हुए घूम रहे थे एक बार फिर इश्क़ फर्मा बैठे, अबकी जो नाज़नीन आयी उन्हें संग ले … Continue reading एहतियातन हमने उन्हें अपने दिल से दूर रखा

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कृष्ण

तान बँसी कि सुना कर,तुमने ही न्योता दीया था।प्रण हाँ एकाकार का भी,श्याम तुमने ही किया था।कृष्ण आधा, आधी राधाआधी राधा, कृष्ण आधाभुल कर अपना वो वादाक्युँ  ,हाँका कुरुक्षेत्र मे  रथक्युँ  भुलाया रास प्राँगणक्युँ  रचाया, महाभारत ।।कृष्णसच कह दुं कृष्ण जो पुर्णत्व तुमने राधिका से पाया थावहीं पल पल कुरुक्षेत्र मे तुम्हारे काम आया था।सच … Continue reading कृष्ण